मिलावटखोरों पर एक्शन के लिए तीन मंत्रालयों ने किया MoU पर हस्ताक्षर, बीज-खाद, कीटनाशक जांच के लिए नई गाइडलाइन

मिलावटखोरों पर एक्शन के लिए तीन मंत्रालयों ने किया MoU पर हस्ताक्षर, बीज-खाद, कीटनाशक जांच के लिए नई गाइडलाइन
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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय संचार तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय राज्य मंत्री श्री चंद्रशेखर पेम्मासानी की उपस्थिति में कृषि भवन, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में दो समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किए गए। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और डाक विभाग के बीच कृषि इनपुट (बीज, उर्वरक और कीटनाशक) के सैंपलों की सुरक्षित, टैंपर-प्रूफ एवं डिजिटल ट्रैकिंग आधारित ढुलाई के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए गए, जबकि दूसरे MoU के तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय, डाक विभाग और DAY-NRLM के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं और आजीविका के अवसरों के विस्तार पर सहमति बनी। कार्यक्रम में कृषि सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी, ग्रामीण विकास सचिव श्री शैलेश कुमार सिंह तथा डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

 

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि आज हस्ताक्षरित दो महत्वपूर्ण MoU विकसित भारत के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होंगे और किसानों के हितों की रक्षा के साथ-साथ ग्रामीण बहनों-दीदियों की आमदनी बढ़ाने में भी बड़ी भूमिका निभाएंगे। श्री चौहान ने कहा कि घटिया बीज, खाद और कीटनाशक किसानों की सबसे बड़ी पीड़ा है और अब सैंपलों की ‘फेसलेस और ट्रेसलेस’ ढुलाई से छेड़छाड़, देरी और मैनेजमेंट की गुंजाइश लगभग समाप्त हो जाएगी, जिससे प्रयोगशालाओं को समय पर और विश्वसनीय रिपोर्ट मिल सकेगी तथा मिलावटखोरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई संभव होगी।

 

उन्होंने बताया कि डाक विभाग के बारकोड/क्यूआर कोड आधारित नेटवर्क और विशेष लॉजिस्टिक क्षमता के उपयोग से देशभर के निर्माण इकाइयों, डीलरों और बाजारों से लिए गए सैंपल सुरक्षित रूप से निर्धारित प्रयोगशालाओं तक पहुंचाए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने स्पष्ट किया कि सरकार Pesticide Act और Seed Act के माध्यम से घटिया कीटनाशकों और बीजों पर कठोर दंडात्मक प्रावधानों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है, ताकि किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेरने वाले तत्वों पर सख्ती की जा सके। उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास मिलकर लगभग 70 प्रतिशत भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए इन क्षेत्रों को मजबूत करना विकसित भारत के लक्ष्य की अनिवार्य शर्त है।

 

DAY-NRLM से जुड़ी बहनों-दीदियों का उल्लेख करते हुए श्री चौहान ने कहा कि 2 करोड़ से अधिक ‘लखपति दीदियां’ गरीबी उन्मूलन का अभूतपूर्व मॉडल हैं और नए MoU के जरिये डाक विभाग के माध्यम से बैंकिंग व वित्तीय सेवाओं का विस्तार होने से बहनों की आय में 15 से 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी की उम्मीद बनेंगी। उन्होंने कहा कि ‘बीसी सखी’ मॉडल को डाक विभाग के विशाल नेटवर्क से जोड़ने पर गांव-गांव और घर-घर तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचेंगी, जिससे किसानों और ग्रामीण परिवारों को सीधी सुविधा और राहत मिलेगी।

 

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान और श्री सिंधिया ने इसे ‘Whole of Government’ दृष्टिकोण का सशक्त उदाहरण बताते हुए कहा कि जब सभी विभाग एक दिशा में मिलकर काम करते हैं तो परिणाम कई गुना बढ़ जाते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन दोनों MoU के माध्यम से कृषि इनपुट गुणवत्ता नियंत्रण की व्यवस्था और ग्रामीण वित्तीय समावेशन, दोनों को नई गति और नई शक्ति मिलेगी।

 

शिवराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के वैभवशाली, गौरवशाली, संपन्न, समृद्ध, शक्तिशाली, गरीबी-मुक्त और आत्मनिर्भर विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में भी इन MoU के माध्यम से ठोस योगदान होगा।

 

केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक सेवाओं की लास्ट-माइल डिलीवरी को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित संस्थानों को पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी और उन्हें इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट, पॉइंट-ऑफ-सेल मशीन और सर्टिफिकेशन दिए जाएंगे, जिससे वे सीधे घरों तक कई तरह की सेवाएं पहुंचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल के ज़रिए, पोस्ट ऑफिस बचत योजनाएं, सुकन्या समृद्धि योजना, कैश ट्रांसफर सेवाएं और कई अन्य फाइनेंशियल प्रोडक्ट जैसी सेवाएं नागरिकों के दरवाज़े गांवगांव तक कुशलता से पहुंचाई जाएंगी। ग्रामीण बहनोंदीदियों की आय बढ़ाने के लिए ये नया समझौता है।